Ghazals

हम उन्हें वो हमें भुला बैठे

  हम उन्हें वो हमें भुला बैठे, दो गुनहगार ज़हर खा बैठे, हाल-ऐ-ग़म कह-कह के ग़म बढ़ा बैठे, तीर मारे थे तीर खा बैठे, आंधियो जाओ अब आराम करो, हम [Read More…]

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